Anyokti alankar – अन्योक्ति अलंकार, Hindi Grammar

Anyokti Alankar

अन्योक्ति अलंकार

अन्योक्ति अलंकार की परिभाषा-

जहां अप्रस्तुत के द्वारा प्रस्तुत का व्यंग्यात्मक कथन किया जाए, वहां अन्योक्ति अलंकार होता है।

अन्योक्ति अलंकार के उदाहरण-

1.
नहिं पराग नहिं मधुर मधु,
नहिं विकास इहि काल।
अली कली ही सो बध्यो ,
आगे कौन हवाल।
2.
इस पंक्ति में भौरे को प्रताड़ित करने के बहाने कवि ने राजा जयसिंह की काम लोलुपता पर व्यंग किया है। अतएव यहां पर अन्योक्ति अलंकार होगा।
3.
जिन जिन देखे वे कुसुम,
गई सुवीति बहार।
अब अति रही गुलाब में,
अपत कटीली डार।।


इस दोहे में अलि (भंवरे) के माध्यम से कवि ने किसी गुणवान अथवा कवि की ओर संकेत किया है जिसका आश्रय दाता अब पतझड़ के गुलाब की तरह पत्र पुष्प हीन (धन हीन) हो गया है। यहां गुलाब और भंवरे के माध्यम से आश्रित कवि और आश्रय दाता का वर्णन किया गया है।

Related Posts

Sarvanam ki paribhasha (सर्वनाम की परिभाषा)

“वह शब्द जो संज्ञा के बदले में आए उसे सर्वनाम कहते हैं।” अर्थात जिन शब्दों का प्रयोग संज्ञा के स्थान पर किया जाता है, उन्हें सर्वनाम कहते है। सर्वनाम Sarvanam…

Read more !

Slesh alankar – श्लेष अलंकार, Hindi Grammar

श्लेष अलंकार Definition Of Slesh Alankar: “श्लेष” का अर्थ है-“चिपकना” । जहां एक शब्द एक ही बार प्रयुक्त होने पर दो अर्थ दे वहां श्लेष अलंकार होता है। अर्थात जहां…

Read more !

Ras – रस, Class 10 Hindi Grammar, Notes, Example, कक्षा 10 हिंदी Grammar – रस

Ras Definition – रस का अर्थ  रस का शाब्दिक अर्थ है ‘आनन्द’। काव्य को पढ़ने या सुनने से जिस आनन्द की अनुभूति होती है, उसे ‘रस’ कहा जाता है।रस का…

Read more !

अयादि संधि : परिभाषा एवं उदाहरण

अयादि संधि की परिभाषा जब संधि करते समय ए , ऐ , ओ , औ के साथ कोई अन्य स्वर हो तो (ए का अय), (ऐ का आय), (ओ का…

Read more !

विसर्ग संधि किसे कहते हैं? विसर्ग संधि के उदाहरण, भेद, परिभाषा, सूत्र, संस्कृत और हिन्दी में

विसर्ग संधि की परिभाषा जब संधि करते समय विसर्ग के बाद स्वर या व्यंजन वर्ण के आने से जो विकार उत्पन्न होता है, हम उसे विसर्ग संधि कहते हैं। जैसे:…

Read more !