हलंत – Halant – संस्कृत और हिन्दी में हलंत

हलंत - Halant

हलंत

जब कभी व्यंजन का प्रयोग स्वर से रहित किया जाता है तब उसके नीचे एक तिरछी रेखा (्) लगा दी जाती है। यह रेखा हलंत (Halant) कहलाती है। हलयुक्त व्यंजन हलंत वर्ण कहलाता है। जैसे-विद्यां।

हलंत की परिभाषा

हलंत – जिसके अंत में स्वर रहित व्यंजन वर्ण हो,

हलन्त या विराम ( ् ) ब्राह्मी लिपि से व्युत्पन्न लगभग सभी लिपियों में प्रयुक्त एक चिह्न है। जिस व्यंजन के बाद यह चिह्न लगा होता है उस व्यंजन में ‘छिपा हुआ’ अ समाप्त हो जाता है। विभिन्न भाषाओं/लिपियों में इसके अलग-अलग नाम हैं, देवनागरी में इसे ‘हलन्त’ कहा जाता है, मलयालम में ‘चन्द्रकला’ कहते हैं।