हिंदी के कवि एवं उनकी रचनाएं (Hindi Ke Kavi Aur Rachnaye)

हिंदी के प्रसिद्ध कवि एवं उनकी रचनाएं

निचे दिए गए लेख को आप सभी Students एक बार अच्छे से जरुर पढ़ ले, यहाँ तैयारी करने से आप सभी परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर पायेगे ।

Hindi Ke Prasiddh Kavi

हिंदी के प्रसिद्ध कवि एवं उनकी रचनाएं और परीक्षा में पूछे गए प्रश्न

  • हिंदी के प्रथम कवि – सरहपाद नवीं शताब्दी
  • हिंदी की प्रथम रचना – श्रावकाचार देवसेन
  • हिंदी की प्रथम मौलिक नाटक – नहुष गोपाल चंद्र
  • हिंदी का प्रथम उपन्यास – परीक्षा गुरु श्रीनिवास दास
  • हिंदी की प्रथम आत्मकथा – अर्धकथानक बनारसीदास जैन
  • हिंदी की प्रथम जीवनी – दयानंद दिग्विजय गोपाल शर्मा
  • हिंदी की प्रथम रिपोर्ताज – लक्ष्मीपूरा शिवदान सिंह चौहान
  • हिंदी की प्रथम यात्रा – लंदन यात्रा महादेवी वर्मा
  • हिंदी की प्रथम मौलिक कहानी – इंदुमती किशोरीलाल गोस्वामी
  • हिंदी की प्रथम विज्ञानिक कहानी – चंद्रलोक की यात्रा केशव प्रसाद सिंह
  • हिंदी का प्रथम गद्य काव्य – साधना राय कृष्णदास
  • रघुवंश के रचयिता कालिदास हैं.
  • हिंदी खड़ी बोली का प्रथम काव्य ग्रंथ – एकांतवासी योगी श्रीधर पाठक
  • हिंदी की प्रथम अतुकांत रचना – प्रेम पथिक जयशंकर प्रसाद
  • शुद्ध एवं परिमार्जित खड़ी बोली के प्रथम लेखक – रामप्रसाद निरंजनी
  • दक्षिण भारत में हिंदी खड़ी बोली में साहित्य सृजन करने वाले प्रथम साहित्यकार – मुल्ला विजय

Related Posts

Vatsalya Ras (वात्सल्य रस) – Hindi Grammar

Vatsalya Ras (वात्सल्य रस) इसका स्थायी भाव वात्सल्यता (अनुराग) होता है माता का पुत्र के प्रति प्रेम, बड़ों का बच्चों के प्रति प्रेम, गुरुओं का शिष्य के प्रति प्रेम, बड़े…

Read more !

अयादि संधि : परिभाषा एवं उदाहरण

अयादि संधि की परिभाषा जब संधि करते समय ए , ऐ , ओ , औ के साथ कोई अन्य स्वर हो तो (ए का अय), (ऐ का आय), (ओ का…

Read more !

Adbhut Ras (अदभुत रस) – Hindi Grammar

Adbhut Ras (अदभुत रस) इसका स्थायी भाव आश्चर्य होता है जब ब्यक्ति के मन में विचित्र अथवा आश्चर्यजनक वस्तुओं को देखकर जो विस्मय आदि के भाव उत्पन्न होते हैं उसे…

Read more !

रचना के आधार पर वाक्य के भेद – Rachana ki drashti se vakya ke prakar

रचना के आधार पर वाक्य के भेद: रचना के आधार पर वाक्य के निम्नलिखित 3 भेद होते हैं:- 1. सरल वाक्य/साधारण वाक्य जिन वाक्यो मे एक ही विधेय होता है,…

Read more !

Veer Ras (वीर रस) – Hindi Grammar

Veer Ras (वीर रस) इसका स्थायी भाव उत्साह होता है इस रस के अंतर्गत जब युद्ध अथवा कठिन कार्य को करने के लिए मन में जो उत्साह की भावना विकसित…

Read more !