सामाजिक वानिकी कार्यक्रम-social forestry program

सामाजिक वानिकी कार्यक्रम पेड़ लगाने को प्रात्साहित करने वाला कार्यक्रम है। इसे 1976 ई. में शुरू किया गया। वनारोपण को जन आन्दोलन बनाना इस नीति का मुख्य लक्ष्य है। इसमें गैर-सरकारी संगठनों का भी सहयोग लिया जा रहा है।

सामाजिक वानिकी कार्यक्रम का उद्देश्य

इस कार्यक्रम का उद्देश्य वनक्षेत्र का विकास, ईंधन व चारे की आपूर्ति, उद्योगों के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराना तथा वनारोपण द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उत्पन्न करना है। सामाजिक वानिकी के मुख्य रूप से तीन तत्व हैं।

कृषि वानिकी- इसमें किसानों को मुफ्त बीज व छोटे पौधे देकर उनके खेतों में वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जाता है।

सामुदायिक वानिकी– गाँवों की सामूहिक उपयोग वाली सार्वजनिक भूमियों पर जन-समूह द्वारा वृक्षारोपण कराया जाता है।

सार्वजनिक वानिकी-– सड़कों, नहरों, टैंकों तथा अन्य सार्वजनिक भूमियों पर वन विभाग द्वारा तेजी से बढ़ने वाले पौधों को लगाया जाना।

उत्तर प्रदेश की बहुउद्देश्यीय परियोजनाएं

कनाडा तथा स्वीडन के तकनीकी सहयोग से चलाया जाने वाला सामाजिक वानिकी कार्यक्रम एक केन्द्र नियोजित कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम को विश्व बैंक से वित्तीय सहयोग मिलता है। वर्तमान समय में इस कार्यक्रम के अंतर्गत सबसे अधिक सफलता कृषि वानिकी को ही मिल सकी है।

सामाजिक वानिकी के असफलता के कारण

सामाजिक वानिकी कार्यक्रम के अधिक सफल नहीं होने का मुख्य कारण जन भागीदारी व जन जागरूकता का अभाव है।

यूकेलिप्टस जैसे पारिस्थितिक आतंकवादी पौधों का चयन भी इस कार्यक्रम की असफलता का कारण रहा है। क्योंकि इससे अन्य पौधों का विकास रुक जाता है।

Important question

Question. सामाजिक वानिकी कार्यक्रम में खेजरी के वृक्ष को अधिक वरीयता क्यों दी गयी है?

Answer. सामाजिक वानिकी में प्रयुक्त खेजरी का वृक्ष बहु-उद्देशीय वृक्ष का उदाहरण है। खेजरी वृक्ष को मरुस्थल का राजा कहा जाता है। इसके बहु-उद्देश्यीय उपयोग तथा अधिक तापमान सहन करने की क्षमता तथा कम पानी की आवश्यकता के कारण सामाजिक वानिकी कार्यक्रम में इसे वरीयता दी गयी है।

भारत में सिंचाई की आवश्यकता

Question. भारत में सर्वप्रथम राष्ट्रीय वन नीति का विकास कब हुआ?

Answer. भारत में सबसे पहले 1894 में वन नीति का निर्माण हुआ जिसको 1952 तथा 1988 में संशोधित किया गया। 1988 ई. की संशोधित नीति वनों की सुरक्षा, संरक्षण तथा विकास पर जोर देती है।

Question. भारत का पहला प्राइवेट बायो-डाईवर्सिटी पार्क कहाँ खोला गया?

Answer. अनाइकुटी (थुवाईपैथी, कोयम्बटूर) में देश का पहला प्राइवेट बायो-डाईवर्सिटी पार्क खोला गया। जिसमें 150 प्रजातियों के पक्षी और जानवर तथा 520 प्रजाति के पौधे देखने को मिलते हैं।

Question. एशिया का सबसे बड़ा ट्यूपिल उद्यान कहाँ स्थित है?

Answer. जम्मू कश्मीर में डल झील के निकट सिराज बाग एशिया का सबसे बड़ा ट्यूपिल उद्यान है। यहां 60 रंगों में ट्यूपिल के 12 लाख से अधिक पौधे हैं।

Question. भारतीय वानस्पतिक सर्वेक्षण विभाग कहाँ स्थापित है?

Answer. 1890 ई. में स्थापित भारतीय वानस्पतिक सर्वेक्षण विभाग-कोलकाता देश के वानस्पतिक संसाधनों का सर्वेक्षण और उनकी पहचान करता है।

वनों का महत्व

Question. भारतीय प्राणी सर्वेक्षण विभाग कहाँ स्थित है?

Answer. 1916 ई. स्थापित भारतीय प्राणी सर्वेक्षण विभाग-कोलकाता देश के जीव जंतुओं का सर्वेक्षण करता है। यहां से “फौना ऑफ इंडिया” का प्रकाशन भी किया जाता है।

Question. भारतीय वन सर्वेक्षण विभाग की स्थापना कब हुई?

Answer. 1981 ई. में देहरादून में भारतीय वन सर्वेक्षण विभाग की स्थापना हुई। पर्यावरण मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाला यह ऐसा संगठन है, जो वन संसाधनों से सम्बन्धित सूचनाओं व आंकड़ो को एकत्रित करता है। तथा प्रशिक्षण, अनुसंधान व विस्तारण का कार्य भी करता है।