त्रिकोणासन – फायदे और करने का तरीका, Trikonasana in Hindi

Trikonasana: Trikonasana in Hindi

त्रिकोणासन (Trikonasana)

त्रिकोणासन संस्कृत के दो शब्दों ‘त्रिकोण’ और ‘आसन’ से मिलकर बना है। इसका मतलब त्रिकोण होता है। त्रिकोणासन स्वास्थ्य के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, और इस आसने को करने से सेहत को कई फायदे होते हैं। यह आसन व्यक्ति को ऊर्जा से भर देता है और नियमित क्रिया से लिए अधिक स्टैमिना प्रदान करता है। जिससे कि हम पूरे दिन ज्यादा सक्रिय होकर काम कर पाते हैं।

त्रिकोणासन शरीर के विभिन्न भागों जैसे पेट, कूल्हों और कमर से चर्बी को घटाने के लिए भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। त्रिकोणासन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे किसी भी समय किसी भी स्थान पर आसानी से किया जा सकता है। कोई भी व्यक्ति बिना किसी तैयारी के इस आसन का नियमित अभ्यास आसानी से कर सकता है।

ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले या कारखानों में मशीन चलाने वाले ज्यादातर लोग काम के दौरान ही थोड़ी देर इस अभ्यास को करके एनर्जी प्राप्त कर लेते हैं और फिर से अधिक सक्रिय होकर काम करते हैं।

त्रिकोणासन करने का तरीका

  1. अपने पैरों को चौड़ा करके बिल्कुल सीधे खड़े हो जाएं।
  2. अपनी लंबाई के हिसाब से दोनों पैरों के बीच कम से कम दो या तीन फीट उचित स्थान बनाकर खड़े रहें।
  3. अपनी रीढ़ को मोड़ें नहीं बल्कि एकदम सीधे खड़े रहें। इसके बाद अपनी भुजाओं को फर्श के समानांतर लाएं और अपनी हथेली को नीचे की ओर ले जाते हुए सांस लें।
  4. अब धीरे- धीरे सांस छोड़ें और अपने शरीर को बायीं ओर मोड़ें और अपनी बायीं हाथ की उंगली से फर्श को छूएं और बाएं टखने को स्पर्श करें।
  5. आपका दाहिना हाथ बिल्कुल सीधे होना चाहिए। अब अपने सिर को घुमाएं और दाहिने हाथ की उंगली की नोक को देखें।
  6. इस मुद्रा को पांच से सात बार दोहराएं और फिर गहरी सांस लेते हुए हाथों को बिल्कुल सीधे करते हुए एकदम सीधे पहले की तरह खड़े हो जाएं। अब कम से कम पांच से दस बार गहरी सांस लें।
  7. सांस छोड़ दें और अपने कूल्हे को दाहिनी ओर झुकाएं और दाहिने हाथ की उंगली से फर्श को छूएं और दाहिने हाथ दाहिने पैर के टखने को जरूर छूना चाहिए।
  8. दस सेकंड के लिए इसी मुद्रा में रहें।
  9. उसके बाद हाथों को सीधा रख अपने स्थान पर खड़े हो जाएं और सांस (inhale) लें।
  10. अगर आप दोनों तरफ से यह आसन करते हैं तो इसे त्रिकोणासन का एक राउंड कहा जाता है।
  11. जब हम इस आसन को छह राउंड तक करते हैं तो इसे त्रिकोणासाना कहा जाता है।

त्रिकोणासन करने के फायदे

  1. बॉडी फैट को कम करने में त्रिकोणासन बहुत उपयोगी है। अगर किसी व्यक्ति का वजन तेजी से बढ़ रहा हो और वह मोटापे से परेशान हो तो यह आसन उसके लिए रामबाण साबित होगा।
  2. अगर आप पीठ में दर्द की समस्या से ग्रस्त हैं तो त्रिकोणासन आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। करीब दो हफ्तों तक नियमित त्रिकोणासन करने से पीठ के दर्द से मुक्ति मिल सकती है।
  3. 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे यदि नियमित त्रिकोणासन करें तो यह आसन उनकी लंबाई (Height) को बढ़ाने में भी काफी सहायक होता है।
  4. नियमित रूप से प्रतिदिन त्रिकोणासन (Trikonasana) करने से पैरों एवं घुटनों के अलावा कूल्हों एवं गर्दन, रीढ़ और टखनों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इसके अलावा यह आसन कंधों और सीने को चौड़ा बनाने में मदद करता है।
  5. रोज-रोज त्रिकोणासन करने से शरीर को स्टैमिना (stamina) और एनर्जी मिलती है इसके अलावा यह आसन नाभि को ठीक रखने में भी सहायक होता है।

त्रिकोणासन करते समय बरतें ये सावधानियां

  1. अगर आपको गंभीर पीठ दर्द की समस्या या गर्दन में दर्द रहता है तो त्रिकोणासन को करने से परहेज करें।
  2. माइग्रेन (migrane) से पीड़ित व्यक्तियों को भी इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  3. अगर किसी व्यक्ति को डायरिया, उच्च रक्तचाप की समस्या हो और पीठ में पहले कभी चोट लगी हो तो ऐसे व्यक्ति को त्रिकोणासन नहीं करना चाहिए।
  4. जिन लोगों को चक्कर आता हो या योगासन के दौरान बेहोशी की समस्या हो उन्हें त्रिकोणासन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।
  5. त्रिकोणासन करते समय घुटनों का सहारा न लें और ना ही इसपर कोई दबाव दें अन्यथा इसकी वजह से आपके घुटनों में दर्द हो सकता है।
  6. यदि आपको हृदय (Heart) से संबंधित कोई भी समस्या हो तो त्रिकोणासन को करने से बचें।

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