भारतीय संविधान की विशेषताएँ-Features of Indian Constitution

Question. “मैं महसूस करता हूँ कि भारतीय संविधान व्यावहारिक है, इसमें परिवर्तन क्षमता है और इसमें शान्तिकाल तथा युद्ध काल में देश की एकता को बनाये रखने की भी सामर्थ्य है। वास्तव में, मैं कहना चाहूंगा कि यदि नवीन संविधान के अन्तर्गत स्थिति खराब होती है तो इसका कारण यह नहीं होगा कि हमारा संविधान खराब है, वरन हमें यह कहना होगा कि मनुष्य ही खराब है।” उक्त कथन किसका है?

Answer. डॉ. भीम राव अम्बेडकर का

Question. भारतीय संविधान को किसने विश्व का सबसे बड़ा और विस्तृत संविधान कहा है?

Answer. आइवर जेनिंग्स ने भारतीय संविधान को विश्व का सबसे बड़ा और विस्तृत संविधान कहा है भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। भारत के मूल संविधान में कुल 22 भाग, 395 अनुच्छेद तथा 8 अनुसूचियां थी। वर्तमान में अनुसूचियों की संख्या 12 है। 9वीं अनुसूची प्रथम संविधान संशोधन 1951, 10वीं अनुसूची 52वें संविधान संशोधन 1985, 11वीं अनुसूची 73वें संविधान संशोधन 1992, 12वीं अनुसूची 74वें संविधान संशोधन 1992 द्वारा जोड़ी गयी हैं। किन्तु संविधान के भागों व अनुच्छेदों में संशोधन मूल संख्या में कोई परिवर्तन न करते हुए किया गया है। अतः आज भी अंतिम अनुच्छेद 395 तथा भाग 22 ही हैं। किंतु गणना की दृष्टि से अनुच्छेदों की संख्या 450 तथा भाग 24 हैं।

Question. भारतीय संविधान में किन परम्पराओं तथा प्रथाओं को स्थान दिया गया है?

Answer. भारतीय संविधान एक लिखित संविधान इसमें उन परम्पराओं तथा प्रथाओं को स्थान दिया गया है, जो संवैधानिक उपबन्धों के अनुरूप हैं। जबकि ब्रिटेन का संविधान परम्पराओं तथा प्रथाओं पर आधारित एक अलिखित संविधान है।

संविधान की प्रस्तावना

Question. भारतीय संविधान के वृहद होने का एक मुख्य कारण क्या है?

Answer. यह संघ तथा राज्यों की सरकारों , उनके अंगों एवं कार्यो विस्तृत वर्णन करता है।

Question. भारत में किस प्रकार की शासन प्रणाली अपनाई गई है?

Answer. भारत में संसदीय शासन प्रणाली अपनाई गई है।

   संघात्मक संविधान में दो प्रकार की शासन प्रणाली होती हैं।

1-अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली

2-संसदीय शासन प्रणाली

    अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली में राष्ट्रपति कार्यपालिका का वास्तविक प्रधान होता है।उसका निर्वाचन सीधे जनता द्वारा किया जाता है। अमेरिका में अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली है।

    भारत में इंग्लैंड के समान संसदीय शासन प्रणाली स्थापित की गयी है। यह प्रणाली केंद्र तथा राज्य दोनों में समान है। भारत का राष्ट्रपति इंग्लैंड के सम्राट के समान कार्यपालिका का नाममात्र प्रधान होता है। वास्तविक कार्यपालिका शक्ति मंत्रिपरिषद में निहित होती है। राष्ट्रपति अपनी कार्यपालिका शक्ति का प्रयोग मंत्रिपरिषद की सलाह से करता है। मंत्रिपरिषद का प्रमुख प्रधानमंत्री होता है। अनुच्छेद 75(3)के अनुसार मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है।

Question. भारतीय संविधान का विस्तृत होना उसका दुर्गुण और वकीलों का स्वर्ण है। यह कथन किसने कहा?

Answer. आइबर जेनिंग्स ने

Question. भारत में किस प्रकार का प्रजातंत्र है?

Answer. भारत में संसदात्मक प्रजातंत्र है।

Question. भारत कैसा गणराज्य है?

Answer. लोकतान्त्रिक गणराज्य

Question. भारतीय संविधान में नागरिकों को कुल कितने मूल अधिकार प्राप्त हैं?

Answer. भारतीय संविधान का भाग (3) अपने नागरिकों को कुल 6 मूल अधिकारों की घोषणा करता है। ये मूल अधिकार अमेरिकी संविधान से लिए गए हैं। यह राज्य की विधायी और कार्यपालिका शक्ति पर निर्बन्धन के रूप में हैं। राज्य द्वारा मूल अधिकारों के प्रतिकूल बनायी गयी विधि न्यायालय द्वारा असंवैधानिक घोषित की जा सकती है। अतः न्यायालय मूल अधिकारों को संरक्षण प्रदान करता है। किंतु मूल अधिकार अत्यान्तिक नहीं है, राज्य द्वारा लोकहित में उन पर निर्बन्धन लगाया जा सकता है।

भारतीय संविधान पर विदेशी प्रभाव

Question. 1978 से पहले भारतीय नागरिकों को कितने मूल अधिकार प्राप्त थे?

Answer. 1978 से पहले भारतीयों को सात मूल अधिकार प्राप्त थे। सम्पत्ति के अधिकार को भी मूल अधिकार को भी मूल अधिकार में रखा गया था। लेकिन 44वें संविधान संशोधन अधिनियम 1978 द्वारा सम्पत्ति के मूल अधिकार को भाग -3 से हटाकर अनुच्छेद 300क के अंतर्गत विधिक अधिकार के रूप में अन्तर्विष्ट किया गया है।

Question. आस्टिन ने किस संवैधानिक उपबन्ध को” राज्य की आत्मा “कहा है?

Answer. राज्य के नीति निदेशक तत्वों को।

संविधान का भाग-4 अनुच्छेद 36 से 51 राज्यों के नीति निर्धारण में मार्गदर्शक कुछ कर्तव्यों या तत्वों का उल्लेख करता है। राज्य के नीति निदेशक तत्वों को आयरलैण्ड के संविधान से लिया गया है। ये तत्व राज्य को एक कल्याणकारी राज्य बनाने में बहुत उपयोगी हैं। इन्हें न्यायालय द्वारा लागू नहीं कराया जा सकता है।

Question. नागरिकों के मूल कर्तव्यों को किस समिति के सिफारिश पर संविधान में शामिल किया गया?

Answer. मौलिक कर्तव्य मूल संविधान में नहीं थे। सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम 1976 द्वारा संविधान में भाग 4क और अनुच्छेद 51क जोड़कर 10 मौलिक कर्तव्यों को शामिल किया गया। मौलिक कर्तव्यों को रूस के संविधान से लिया गया था। 11वॉ मौलिक कर्तव्य 86वें संविधान संशोधन अधिनियम 2002 द्वारा जोड़ा गया । यह माता पिता या संरक्षक के लिए है कि वह 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा का अवसर प्रदान करें।

भारत की नागरिकता

Question. भारतीय संविधान कैसा है?

Answer. भारतीय संविधान अंशतः कठोर तथा अंशतः लचीला है।

संशोधन की दृष्टि से संविधान नम्य तथा अनम्य दो प्रकार के होते हैं। जिनमें संशोधन की प्रक्रिया जटिल होती है अनम्य(कठोर) तथा जिनमें संशोधन की प्रक्रिया सरल होती है नम्य संविधान कहलाते हैं। भारतीय संविधान में संशोधन संसद द्वारा साधारण बहुमत, विशेष बहुमत, विशेष बहुमत तथा आधे राज्यों के अनुसमर्थन द्वारा किया जा सकता है। इस प्रकार कुछ उपबन्ध आसानी से तथा कुछ उपबन्ध कठिनाई से संशोधित किये जाते हैं। जिस कारण इसे नम्यता और अनम्यता का अनोखा मिश्रण कहा जाता है।

Question. किसने कहा कि”भारतीय संविधान अधिक कठोर तथा अधिक लचीलें के मध्य एक अच्छा संतुलन स्थापित करता है”?

Answer. के. सी. ह्वीयर ने

Question. किसने भारतीय संविधान को अर्द्धसंघीय संविधान कहा?

Answer. भारतीय संविधान के अनुच्छेद-1 के अनुसार, भारत अर्थात इण्डिया राज्यों का संघ होगा। के. सी. ह्वीयर ने भारतीय संविधान को एक अर्द्धसंघीय संविधान कहा। जबकि सर आइवर जेनिंग्स ने कहा कि यह एक ऐसा संघ है जिसमें केन्द्रीकरण की सशक्त प्रवृत्ति है।

Question. भारतीय संविधान का स्वरुप कैसा है?

Answer. संरचना में संघात्मक भावना में एकात्मक

Question. किसका कथन है कि ‘भारतीय संविधान को संघात्मकता के तंग ढाँचे में नहीं ढाला जा सकता है?

Answer. बी. आर. अम्बेडकर ने

Question. भारतीय संघ वाद को सहकारी संघवाद किसने कहा है?

Answer. जी. आस्टिन ने

Question. संघात्मक संविधान के प्रमुख लक्षण क्या हैं?

Answer. शक्तियों का विभाजन, लिखित संविधान, संविधान की सर्वोच्चता, संविधान की अपरिवर्तन शीलता, स्वतन्त्र न्यायपालिका

Question. एकात्मक संविधान के प्रमुख लक्षण क्या हैं?

Answer. एकल नागरिकता, राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा, आपात कालीन उपबन्ध, अखिल भारतीय सेवाएं, संसद की नये राज्य निर्माण की शक्ति तथा राज्य सूची पर संसद की विधि बनाने की शक्ति आदि एकात्मक संविधान के प्रमुख लक्षण हैं।

Question. भारत में किसकी सर्वोच्चता है?

Answer. भारत में संविधान की सर्वोच्चता है। क्योंकि सरकार के सभी अंग (कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका) इसी से अपनी शक्तियां प्राप्त करते हैं। जबकि ब्रिटेन में संसद की सर्वोच्चता है। तथा अमेरिका में न्यायपालिका की सर्वोच्चता है।

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