निजवाचक सर्वनाम – Nij vachak sarvanam

निजवाचक सर्वनाम –

जो सर्वनाम तीनों पुरूषों (उत्तम, मध्यम और अन्य) में निजत्व का बोध कराता है, उसे निजवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे- मैं खुद लिख लूँगा। तुम अपने आप चले जाना। वह स्वयं गाडी चला सकती है। उपर्युक्त वाक्यों में खुद, अपने आप और स्वयं शब्द निजवाचक सर्वनाम हैं।

इन वाक्यो को देखिये –

  • मैं अपना कार्य स्वयं करता हूं।
  • मेरी माता भोजन अपने आप बनाती है।
  • मैं अपनी गाड़ी से जाऊंगा।
  • मैं अपने पिताजी के साथ जाऊंगा।

‘ अपना ‘ , ‘ अपनी ‘ , ‘ आप  ‘ जिस सार्वनामिक शब्दों से अपने या अपने तो का बोध हो उसे निजवाचक कहते हैं।

परिभाषा – 

“वह सार्वनामिक शब्द जो स्वयं के लिए प्रयोग करते हैं जैसे – आप , अपना आदि जिससे स्वयं का बोध हो वह निजवाचक कहलाते हैं।”

महत्वपूर्ण तथ्य और स्मरणीय बिंदु –

“संज्ञा के बदले आए शब्द को सर्वनाम कहते हैं “

इस के छह भेद हैं।

पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन भेद हैं।

  1.  उत्तम पुरुष , 
  2.  मध्यम पुरुष , 
  3. अन्य पुरुष

इस के शब्दों का संबोधन नहीं होता है।
इन शब्दों के रूप में पुरुषवाचक –

  • उत्तम पुरुष सर्वनाम – मैं , तुम
  • मध्यम पुरुष – तू , तुम , आप
  • अन्य पुरुष – वह , हुए , यह ,
  • निश्चयवाचक (निकटवर्ती के लिए) – यह , यहां ,
  • निश्चयवाचक ( दूरवर्ती के लिए) – वह , वहां।
  • अनिश्चयवाचक (प्राणी बोध के लिए ) – कोई
  • अनिश्चयवाचक (प्राणी बुद्ध के लिए ) – कुछ
  • संबंधवाचक – जो , सो , उसी , उसकी
  • प्रश्नवाचक (प्राणी वाचक के लिए) – कौन
  • प्रश्नवाचक (प्राणी वाचक के लिए) – क्या।
  • निजवाचक – आप , अपना
सर्वनाम के 6 भेद हैं-

  1. पुरुषवाचक
  2. निश्चयवाचक
  3. अनिश्चयवाचक
  4. संबंधवाचक
  5. प्रश्नवाचक
  6. निजवाचक

Hindi Vyakaran (हिंदी व्याकरण), Hindi Grammar Lessons in detail. Learn Hindi Vyakaran. Prepare all Hindi Grammar topics for your next exam.

Nij vachak sarvanam

Related Posts

Upma alankar – उपमा अलंकार किसे कहते हैं उदाहरण सहित व्याख्या

उपमा अलंकार उपमा अलंकार की परिभाषा-Definition Of Upma Alankar जहाँ पर पर दो वस्तुओं या पदार्थों में भिन्नता होते हुए भी उनकी समता की जाए या किसी वस्तु के वर्णन…

Read more !

रचना के आधार पर वाक्य के भेद – Rachana ki drashti se vakya ke prakar

रचना के आधार पर वाक्य के भेद: रचना के आधार पर वाक्य के निम्नलिखित 3 भेद होते हैं:- 1. सरल वाक्य/साधारण वाक्य जिन वाक्यो मे एक ही विधेय होता है,…

Read more !

पुरुषवाचक सर्वनाम – purush vachak sarvanam with udaharan/example

पुरुषवाचक सर्वनाम जो सर्वनाम वक्ता (बोलनेवाले), श्रोता (सुननेवाले) तथा किसी अन्य के लिए प्रयुक्त होता है, उसे पुरूषवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे- मैं, तू, वह आदि।इन वाक्यो को देखिये –…

Read more !

अनिश्चयवाचक सर्वनाम – Anishchay vachak sarvanam

अनिश्चयवाचक सर्वनाम – जिस सर्वनाम से किसी निश्चित व्यक्ति या पदार्थ का बोध नहीं होता, उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे- बाहर कोई है। मुझे कुछ नहीं मिला। इन वाक्यो…

Read more !

विसर्ग संधि किसे कहते हैं? विसर्ग संधि के उदाहरण, भेद, परिभाषा, सूत्र, संस्कृत और हिन्दी में

विसर्ग संधि की परिभाषा जब संधि करते समय विसर्ग के बाद स्वर या व्यंजन वर्ण के आने से जो विकार उत्पन्न होता है, हम उसे विसर्ग संधि कहते हैं। जैसे:…

Read more !