बंगाल के गवर्नर-Governor of Bengal

भारत में अंग्रेजी शासन की स्थापना सर्वप्रथम बंगाल में हुई। प्लासी के युद्ध के समय बंगाल में अंग्रेजों का प्रमुख ड्रेक था। प्लासी युद्ध की सफलता में राबर्ट क्लाइव की महत्वपूर्ण एवं निर्णायक भूमिका थी। इसलिए बंगाल विजय के बाद क्लाइव को बंगाल का प्रथम गवर्नर बनाया गया।

बंगाल के गवर्नर और उनका कार्यकाल

1-रॉबर्ट क्लाइव (1757-60)

2-हॉलवेल (1760)

3-हेनरी वेंसिटार्ट (1760-65)

रॉबर्ट क्लाइव [दूसरी बार] (1765-67)

4-हैरी वेरेलस्ट (1767-69)

5-जॉन कर्टियर (1769-72)

6-वारेन हेस्टिंग्स (1772-1773)- इससे आगे का कार्यकाल बंगाल के गवर्नर जनरल के रूप व्यतीत किया।

बंगाल का प्रथम गवर्नर रॉबर्ट क्लाइव

रॉबर्ट क्लाइव का जन्म 1725 ई. में इंग्लैंड के एक साधारण परिवार में हुआ था। 1742 ई. में क्लाइव ईस्ट इंडिया कम्पनी के अंतर्गत एक साधारण क्लर्क के रूप में नियुक्त हुआ। अपनी मेहनत और कार्यकुशलता के दम पर बंगाल के गवर्नर के पद तक पहुँचा और भारत में ब्रिटिश साम्राज्य का संस्थापक बना।

 

जब क्लाइव दूसरी बार बंगाल का गवर्नर बनकर अप्रैल 1765 में आया तो उसने मुगल सम्राट शाहआलम और अवध के नवाब वज़ीर शुजाउद्दौला से ‘इलाहाबाद की सन्धि’ की। शाहआलम से कम्पनी को बिहार, बंगाल और उड़ीसा की दीवानी की प्राप्ति की। इन क्षेत्रों में क्लाइव ने द्वैध शासन को लागू किया।  यह 1772 तक चलता रहा। वारेन हेस्टिग्स ने आते ही इसे समाप्त कर दिया।

क्लाइव ने सैनिक सुधारों की ओर ध्यान दिया। उसने सिपाहियों को युद्धकाल में मिलने वाला दोहरा भत्ता बंद कर दिया। जनवरी 1766 ई. से यह भत्ता मात्र उन सैनिकों को दिया जाना तय हुआ जो बंगाल एवं बिहार की सीमा से बाहर कार्य करते थे। इससे सेना में असन्तोष फैला और मुंगेर तथा इलाहाबाद स्थित अंग्रेज (श्वेत) अधिकारियों ने इस आज्ञा के विरूद्ध विद्रोह किया, जिसे श्वेत विद्रोह कहते हैं। क्लाइव ने बड़ी चतुराई से विद्रोह को दबा लिया।

क्लाइव ने राजस्व एवं प्रशासनिक सुधार के लिए नियम बनाये। पर्सीवल स्पीयर ने क्लाइव को “भविष्य का अग्रदूत” कहा। भारत से जाने के बाद इंग्लैंड में क्लाइव ने आत्महत्या कर ली।

अन्य बंगाल के गवर्नर

क्लाइव के बाद हॉलवेल कार्यवाहक गवर्नर बना। ब्लैक होल की घटना का वर्णन इसी ने किया था। इसके बाद हेनरी वेंसिटार्ट बंगाल का गवर्नर नियुक्ति हुआ। बक्सर युद्ध के समय ये बंगाल का गवर्नर था। जॉन कर्टियर के समय 1770 ई. बंगाल में अकाल पड़ा था। वारेन हेस्टिंग्स बंगाल का अंतिम गवर्नर था। इसने बंगाल में द्वैध शासन-व्यवस्था को समाप्त किया। रेग्यूलेटिंग एक्ट-1773 के तहत ये बंगाल का प्रथम गवर्नर जनरल बना।

Important Questions

किस ब्रिटिश गवर्नर को ‘भविष्य का अग्रदूत’ एवं भारत में “अंग्रेजी साम्राज्य का अग्रगामी” कहा जाता है?

राबर्ट क्लाइव को

बक्सर का युद्ध किस बंगाल गवर्नर के काल में हुआ था?

वेन्सिटार्ट के

बंगाल के किस गवर्नर ने इंग्लैण्ड में जाकर आत्महत्या कर ली?

राबर्ट क्लाइव ने

भारत में न्यायिक सेवा का जनक किसे माना जाता है?

वारेन हेस्टिंग्स को

किस संधि द्वारा बनारस पर अंग्रेजी सर्वोच्चता स्वीकार की गई?

फैजाबाद की संधि (1775)

बंगाल का वह एक मात्र गवर्नर और गवर्नर जनरल कौन था, जिस पर बर्क ने इंग्लैण्ड में महाभियोग का मुकदमा दायर किया था?

लार्ड वारेन हेस्टिंग्स

बंगाल का अंतिम गवर्नर कौन था?

वारेन हेस्टिंग्स बंगाल का अन्तिम गवर्नर था। हेस्टिंग्स 1772 से 1773 तक बंगाल के गवर्नर के रूप में रहा इसके बाद उसे बंगाल का गवर्नर जनरल बना दिया गया।