हलासन – हलासन करने का तरीका, विधि, लाभ और सावधानी- Halasana in Hindi

Halasana in Hindi

हलासन

इस आसन में शरीर का आकार हल जैसा बनता है। इससे इसे हलासन कहते हैं। हलासन हमारे शरीर को लचीला बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे हमारी रीढ़ सदा जवान बनी रहती है।

हलासन करने का तरीका

  1. पीठ के बल सीधे लेट जायें। बाज़ुओं को सीधा पीठ के बगल में ज़में पर टिका कर रखें।
  2. साँस अंदर लेते हुए दोनो टाँगों को उठा कर “अर्ध-हलासन” में ले आयें (चित्र में मुद्रा देखें)।
  3. कोहनियों को ज़मीन पर टिकाए हुए दोनो हाथों से पीठ को सहारा दें । इस मुद्रा में 1-2 साँस अंदर और बाहर लें और यह पक्का कर लें की आपका संतुलन सही है।
  4. अब टाँगों को बिल्कुल पीछे ले जायें। दृष्टि को नाक पर रखें। अगर आपको यह करने से दिक्कत होती है संतुलन बनाए रखने में तो दृष्टि को नाभी पर भी रख सकते हैं।
  5. अगर आपके कंधों में पर्याप्त लचीलापन हो तो हाथों को पीछे ले जा कर जोड़ लें। अगर यह संभव ना हो तो उन्हे पीठ को सहारा देती हुई मुद्रा में ही रखें।
  6. अपनी क्षमता के मुताबिक 60 से 90 सेकेंड तक इस मुद्रा में रहें और फिर धीरे से पैरों को वापिस ले आयें। शुरुआत में कम देर करें (30 सेकेंड भी पर्याप्त है) और धीरे धीरे समय बढ़ायें।

हलासन करते समय निम्न सावधा‍नी रखें

  1. रीढ़ संबंधी गंभीर रोग अथवा गले में कोई गंभीर रोग होने की स्थिति में यह आसन न करें।
  2. आसन करते वक्त ध्यान रहे कि पैर तने हुए तथा घुटने सीधे रहें।

हलासन करने से लाभ

  1. रीढ़ में कठोरता होना वृद्धावस्था की निशानी है।
  2. हलासन से रीढ़ लचीली बनती है।
  3. मेरुदंड संबंधी ना‍ड़ियों के स्वास्थ्य की रक्षा होकर वृद्धावस्था के लक्षण जल्दी नहीं आते।
  4. हलासन के नियमित अभ्यास से अजीर्ण, कब्ज, अर्श, थायराइड का अल्प विकास, अंगविकार, असमय वृद्धत्व, दमा, कफ, रक्तविकार आदि दूर होते हैं।
  5. सिरदर्द दूर होता है।
  6. नाड़ीतंत्र शुद्ध बनता है।
  7. शरीर बलवान और तेजस्वी बनता है।
  8. लीवर और प्लीहा बढ़ गए हो तो हलासन से सामान्यावस्था में आ जाते हैं। अपानवायु का उत्थानन होकर उदान रूपी अग्नि का योग होने से कुंडल‍िनी उर्ध्वगामी बनती है।
  9. विशुद्धचक्र सक्रिय होता है।

योग क्‍या है, योग कैसे किया जाता है, योग कैसे काम करता है, विभिन्‍न बीमारियों को दूर करने के लिए योग कैसे करें, योग के क्‍या फायदे हैं, मोटापा दूर करने के लिए योग और योग के अन्‍य फायदों के बारे में अधिक जानकारी के लिए पूरा लेख पढ़ें- योग के प्रमुख आसन और उनके लाभ, Yoga Asanas in Hindi

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