भारतीय नागरिकता-Indian citizenship

Question. भारतीय संविधान के किस भाग तथा किन अनुच्छेदों में नागरिकता का वर्णन किया गया है?

Answer. भारतीय संविधान के भाग-2 में अनुच्छेद 5 से 11 तक नागरिकता का वर्णन किया गया है।

Question. भारतीय संविधान में किस प्रकार की नागरिकता का प्रावधान किया गया है?

Answer. भारतीय संविधान में ब्रिटेन के समान एकल नागरिकता का प्रावधान किया गया है। जबकि अमेरिका में दोहरी नागरिकता है। (प्रथम संयुक्त राज्य  अमेरिका की और दूसरी उस राज्य की जहाँ निवास स्थान है।)

 

Question. संसद को नागरिकता के सम्बन्ध में विधि बनाने अधिकार किस अनुच्छेद में दिया गया है?

Answer. भारतीय संविधान के अनुच्छेद -11 के अनुसार भारत में नागरिकता के सम्बन्ध विधि बनाने का विशिष्ट अधिकार संसद को प्राप्त है।

Question. संसद द्वारा नागरिकता के सम्बन्ध में कौन सा अधिनियम पारित किया गया?

Answer. भारतीय संविधान के अनुच्छेद -11 में स्पष्ट किया गया है। कि संसद को नागरिकता के बारे में विधि बनाने की सम्पूर्ण शक्ति होगी। इस शक्ति का प्रयोग कर संसद ने “भारतीय नागरिकता अधिनियम-1955” पारित किया।

भारत के संविधान पर विदेशी प्रभाव

Question. भारतीय नागरिकता कितने प्रकार से प्राप्त की जा सकती है?

Answer. भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार भारतीय नागरिकता निम्न 5 प्रकार से प्राप्त की जा सकती है।

1-जन्म से(by Birth)-

कोई व्यक्ति जिसका जन्म 26 जनवरी 1950 को या उसके पश्चात् भारत में हुआ हो, भारत का नागरिक होगा। किन्तु नागरिकता संशोधन अधिनियम 1986 के अनुसार-जन्म से नागरिकता के लिए व्यक्ति के जन्म के समय उसके माता या पिता में से किसी एक का भारतीय नागरिक होना अब आवश्यक है।

2-वंश परम्परा द्वारा नागरिकता-

भारत से बाहर किसी अन्य देश में 26 जनवरी 1950 के बाद जन्म लेने वाला व्यक्ति भारत का नागरिक हो सकता है,यदि उसके जन्म के समय उसके माता या पिता में से कोई भारतीय नागरिक हो।

Note-माता की नागरिकता के आधार पर विदेश में जन्में व्यक्ति को नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान “नागरिकता संशोधन अधिनियम 1992” द्वारा किया गया है।

3-पंजीकरण द्वारा नागरिकता-

निम्नलिखित वर्गों में आने वाले लोग पंजीकरण द्वारा भारत की नागरिकता प्राप्त कर सकते हैं।

(1)-पंजीकरण हेतु आवेदन करने की तिथि से 5-वर्ष पूर्व से भारत में निवास करने वाला व्यक्ति।(पहले यह अवधि 6 माह थी।)

(2)-ऐसे व्यक्ति जिनका जन्म भारत में हुआ किन्तु जो भारत से बाहर किसी अन्य देश में निवास कर रहे हों।

(3)-ऐसी विदेशी महिला जो किसी भारतीय से विवाह कर चुकी हो या करने वाली हो।

(4)-भारतीय नागरिकों के नाबालिग बच्चे।

(5)-राष्ट्रमंडल देशों के ऐसे नागरिक, जो भारत में रहते हों या भारत सरकार की नौकरी कर रहें हों। आवेदन पत्र देकर भारत की नागरिकता प्राप्त कर सकते हैं।

4-देशीकरण द्वारा नागरिकता-

कोई व्यक्ति जो वयस्क है और 10 वर्ष से भारत में निवास कर रहा है। (1986 से पहले यह अवधि 5 वर्ष थी) भारत सरकार से देशीकरण का प्रमाण पत्र प्राप्त कर भारत का नागरिक बन सकता है।

5-भूमि के अर्जन द्वारा नागरिकता-

यदि भारत सरकार द्वारा किसी नये भू-भाग को अर्जित कर भारत में उसका विलय किया जाता है तो उस क्षेत्र में निवास करने वाले व्यक्तियों को स्वतः भारत की नागरिकता प्राप्त हो जाती है।

संविधान की विशेषतायें

Question. भारतीय नागरिकता का अंत किन प्रकारों से हो सकता है?

Answer. भारतीय नागरिकता का अन्त 3 प्रकार से हो सकता है।

(1)-किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण करने पर भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाती है।

(2)-नागरिकता का परित्याग करने पर

(3)-सरकार द्वारा नागरिकता छीनने पर-

सरकार निम्न कारणों के आधार पर नागरिकता से वंचित कर सकती है।

★-संविधान के प्रति अनिष्ठा दिखाने पर

★-युद्ध काल में शत्रु की सहायता करने पर

★-गलत तरीके से नागरिकता प्राप्त करने पर

★-किसी भारतीय स्त्री द्वारा विदेशी पुरुष से विवाह करने पर

★-लगातार 7 वर्ष तक भारत से बाहर रहने पर

★-पंजीकरण या देशीकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त करने के 5 वर्ष के भीतर किसी अन्य देश द्वारा 2 वर्ष की सजा दिये जाने पर।

Question. भारतीय नागरिकता संशोधन अधिनियम 1986 द्वारा क्या संशोधन किये गए हैं।

Answer. भारतीय नागरिकता संशोधन अधिनियम 1986 द्वारा भारतीय नागरिकता संशोधन अधिनियम 1955 में निम्नलिखित संशोधन किये गए हैं।

(1)-अब भारत में केवल उस व्यक्ति को ही नागरिकता प्रदान की जायेगी, जिसके माता पिता में से एक भारत का नागरिक हो।

(2)-जो व्यक्ति पंजीकरण के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें अब भारत में कम से कम 5 वर्षों तक निवास करना होगा। पहले यह अवधि 6 माह थी।

(3)-देशीकरण द्वारा नागरिकता तभी प्रदान की जायेगी, जब व्यक्ति कम से कम 10 वर्षों तक भारत में रह चुका हो। पहले यह अवधि 5 वर्ष थी।

Question. अनुच्छेद-5 से 11 तक क्या वर्णित है?

Answer. अनुच्छेद -5 से 11 तक नागरिकता के बारे में वर्णन है।

अनुच्छेद-5 में संविधान के प्रारम्भ पर नागरिकता के बारे में वर्णन है।

अनुच्छेद-6 में पाकिस्तान से भारत आने वाले व्यक्तियों की नागरिकता के अधिकार के बारे में वर्णन है।

अनुच्छेद-7 पाकिस्तान को प्रवजन करने वाले व्यक्तियों की नागरिकता के अधिकार के बारे में है।

अनुच्छेद-8 भारत से बाहर रहने वाले भारतीय मूल के कुछ व्यक्तियों की नागरिकता के सम्बन्ध में है।

अनुच्छेद-9 के अनुसार जब कोई व्यक्ति स्वेच्छया किसी विदेशी राज्य का नागरिक हो जाता है। तो उसकी नागरिकता स्वतः समाप्त हो जायेगी।

अनुच्छेद-10 के अनुसार किसी व्यक्ति की नागरिकता विधि के उपबन्धों के अधीन है और उसकी प्राप्ति संसदीय विधि द्वारा ही की जा सकती है।

Question. किस समिति के सुझाव पर नागरिकता संशोधन विधेयक 2003 संसद में प्रस्तुत किया गया?

Answer. लक्ष्मीमल सिंधवी समिति के सुझाव पर

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